हमारी ज़िंदगी के दिन: केदारनाथ अग्रवाल की कविता
जीवन हर पल किया जानेवाला संघर्ष है. केदारनाथ अग्रवाल की यह कविता ज़िंदा आदमी के संघर्ष को बयां करती है. ...
जीवन हर पल किया जानेवाला संघर्ष है. केदारनाथ अग्रवाल की यह कविता ज़िंदा आदमी के संघर्ष को बयां करती है. ...
उम्मीद पर दुनिया कायम है, इस कविता में कवि केदारनाथ अग्रवाल एक बेहतर उज्जवल भविष्य की उम्मीद जता रहे हैं. ...
चाहे लाख कोशिश कर लें संघर्ष करके अपने बूते पर सफलता हासिल करनेवालों को कोई हरा नहीं सकता. ऐसे ही ...
केदारनाथ अग्रवाल की कविता ‘बसंती हवा’ अल्हड़ अल्मस्त बसंती हवा की आत्मकथा जैसी है. हवा हूं, हवा, मैं बसंती हवा ...
हर वह शख़्स फिर चाहे वह महिला हो या पुरुष ‘अफ़लातून’ ही है, जो जीवन को अपने शर्तों पर जीने का ख़्वाब देखता है, उसे पूरा करने का जज़्बा रखता है और इसके लिए प्रयास करता है. जीवन की शर्तें आपकी और उन शर्तों पर चलने का हुनर सिखाने वालों की कहानियां ओए अफ़लातून की. जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर, लाइफ़स्टाइल पर हमारी स्टोरीज़ आपको नया नज़रिया और उम्मीद तब तक देती रहेंगी, जब तक कि आप अपने जीवन के ‘अफ़लातून’ न बन जाएं.
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